
कैसे इन् गलियों का रंग है बदला
नुक्कड़ पे इक्कठा वो भीड़ कही गुम हो गई
पनवारी के अड्डे पे वो मुश्त्न्दो का सिगरेट
पीना
और साइकिल सिखने के बहाने लडकियों का आना
मिटटी के रास्तो में कोनक्रीट का कारपेट चढ़ गया
और एक मंजिला इमारतों को पेंट हाउस बना कर बेच दिया ....