बुधवार, 29 अगस्त 2012

"Rain Symphony"

कही एक टीले  पर झोपड़ी में टिप टिप सी दस्तक हुई,
छोटी सी खिड़की से जाक कर देखा और हाथ पर पानी की बूंद गिरी,
वो आधे बूज़े आधे जले चूले से एक अलग सी खुशुबू के झोके  ने सारा
मंजर ही बदल गया,
कोने में पड़ा वो  हुक्का भी गुडगुडआने लगा...

मंगलवार, 28 अगस्त 2012

पेंट हाउस

कैसे इन् गलियों का रंग है बदला
नुक्कड़ पे इक्कठा वो भीड़ कही गुम हो गई
पनवारी के अड्डे पे वो मुश्त्न्दो का सिगरेट
पीना
और साइकिल सिखने के बहाने लडकियों का आना
मिटटी के रास्तो में कोनक्रीट का कारपेट चढ़ गया
और एक मंजिला इमारतों को पेंट हाउस बना कर बेच दिया ....