"Dastakhat"
सोमवार, 8 अगस्त 2011
कई यादो में बसरकर गुज़रती है ज़िन्दगी ,
कही खयालो में दुबे उस मंज़र से गुजरती है ज़िन्दगी,
हवाओ सी रिश्तो में घुलती है ज़िन्दगी,
फूलो की खुशबू का अहेसास है ज़िन्दगी,
नीले समन्दर की गहराई है ज़िन्दगी,
कसी की मोहोबत में फ़ना है ज़िन्दगी,
कई है सवाल जिनके जवाब धुन्धती है ज़िन्दगी !!!!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें